मनोज सैनी
देहरादून। उत्तराखंड की बेटी स्व0 अंकिता भंडारी को सड़े गले सिस्टम से इंसाफ दिलाने हेतु पत्रकार आशुतोष नेगी ने अंकिता भंडारी के माता पिता के साथ कदम ताल करते हुए हर जगह उनकी हर संभव मदद की। दूसरे शब्दों में कहें तो यदि आशुतोष नेगी उनके माता पिता के साथ सहयोग नहीं करते तो अभी तक सड़ गल चुका सिस्टम आरोपी पुलकित को बचा लेता और वह ऐसे नए कांड के लिए किसी और अंकिता को अपना शिकार बना लेता। सोशल मीडिया पर बताया जा रहा है आरोपी पुलकित को बचाने के लिए इसी सड़ चुके सिस्टम ने साजिशन आशुतोष नेगी पर फर्जी एससी/एसटी मुकदमा लगाकर गिरफ्तार कर लिया है।
आशुतोष नेगी की गिरफ्तारी के बाद कुछ बुद्धिजीवियों की नींद खुली और आज उन्होंने गांधी पार्क पर आशुतोष नेगी को रिहा करने और अंकिता को न्याय दिलवाने के लिए धरना प्रदर्शन किया।पाठकों को बताते चलें कि अंकिता भंडारी पौड़ी जिले के गंगा-भोगपुर में वनतंत्र रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं।
उनकी हत्या 18 सितंबर 2022 को एक वीआईपी को स्पेशल सर्विस देने के लिए बीजेपी नेता विनोद आर्य के बेटे और वनंत्रा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य ने कर दी थी। तभी से अंकिता का परिवार न्याय के लिए इधर-उधर भटक रहा है। बीजेपी कहती है कि उन्हें महिलाओं की परवाह है, उनका नारा है बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ लेकिन हकीकत ये है कि आज बीजेपी नेताओं से बेटी बचाने की जरूरत है क्योंकि जिस बेटी को न्याय दिलवाने के लिए आशुतोष नेगी को गिरफ्तार किया गया है उसी बेटी के आरोपियों को भाजपा सरकार बचा रही है।

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