ब्यूरो
भारतीय कुश्ती संघ में विवाद के चलते देश के दिग्गज पहलवानों द्वारा प्रतिष्ठित सम्मान को लौटाने का सिलसिला जारी है। पिछले दिनों साक्षी मलिक के कुश्ती से संन्यास और बजरंग पुनिया द्वारा पद्मश्री सम्मान लौटाने के बाद अब विश्व चैंपियनशिप की पदक विजेता विनेश फोगाट ने आज अपना खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार लौटा दिया है।
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पहलवान विनेश फोगाट सम्मान को वापस लौटाने के लिए कर्तव्य पथ पहुंचीं लेकिन वह विजय चौक से आगे नहीं जा सकीं। ऐसे में विनेश अपना मेडल छोड़कर कर्तव्य पथ पर ही रखकर चली गईं। कुश्ती संघ और पहलवानों के बीच जारी विवाद के बीच विनेश ने यह सम्मान लौटाने का फैसला लिया है। इससे पहले विश्व चैंपियनशिप में देश के लिए पदक जीतने वाली विनेश फोगाट ने 5 दिन पहले मंगलवार को अपना खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) को वापस लौटाने का ऐलान करते हुए यह भी कहा कि पहलवान जब न्याय पाने के लिए बुरी तरह से संघर्ष कर रहे हैं ऐसे में इस तरह के सम्मान हमारे लिए निरर्थक बन गए हैं।
विनेश ने पीएम मोदी को लिखे पत्र को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि उनकी जिंदगी सरकार के उन फैंसी विज्ञापनों की तरह नहीं है जिनमें महिला सशक्तिकरण और उनके उत्थान की बात की जाती है. उन्होंने आगे कहा, “मुझे ध्यानचंद खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार से नवाजा गया था लेकिन अब इनका मेरी जिंदगी में कोई मतलब नहीं रह गया है। हर महिला सम्मान के साथ समाज में जीना चाहती है। इसलिए प्रधानमंत्री सर, मैं अपना मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कार वापस करना चाहती हूं ताकि सम्मान से जीने की राह में ये हमारे लिए बोझ की तरह न रहें।

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