मनोज सैनी
हरिद्वार। महाभारत काल में जिस महाबली भीम की गदा की मार और टंकार से कौरव सेना थर-थर कांपती थी आज हरिद्वार में भीमगोडा स्थित भीम की विशालकाय प्रतिमा से भीम की गदा गायब हो गई है और भीम का अंगूठा भी टूट गया है।

कुंभ-2021 में हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण द्वारा लाखों रुपए की लागत से निर्मित महाबली भीम की विशालकाय प्रतिमा, भीमगोड़ा ई-बैटरी रिक्शा चौक के पास निर्मित करवाया था, उक्त मूर्ति की गदा खंडित हो चुकी है और भीम की मूर्ति का अंगूठा भी टूट रखा है।बताया जा रहा है कि विगत दिनों प्रतिमा के ऊपर पेड़ गिरने से प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गई थी। इतना ही नहीं स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब से प्रतिमा स्थल का चुनाव किया गया था यह विशालकाय प्रतिमा उसी दिन से विवादों के घेरे में आ गई थी क्योंकि जिस स्थान पर प्रतिमा विराजमान है वहां पहले मृतकों का घट संस्कार किया जाता था जिसे बुजुर्गों की भाषा में (टेकन) कहते थे लेकिन अधिकारियों ने इसकी कोई परवाह नहीं की और प्रस्तर प्रतिमा की जगह फाइबर केमिकल की प्रतिमा बनवा दी। वर्तमान में जिस स्थान पर यह अभिशप्त प्रतिमा विराजमान है वह स्थान अवैध उगाही का अड्डा बन कर रह गया है।
शुभम गिरी महाराज और समाज सेवी रविन्द्र मिश्रा ने स्थानीय प्रशासन से प्रतिमा को तत्काल ठीक कराने की मांग की है और कहा कि भीमगोडा चौक, जहां पर विशालकाय प्रतिमा स्थापित है, वह हर की पैड़ी का प्रवेश द्वार है और जब श्रद्धालु उक्त विशालकाय भीम की प्रतिमा को देखता है तो उसे बड़ा कष्ट होता है।

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