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मदन मोहन मालवीय शोध संस्थान के ऐलान से ऋषिकुल ब्रह्मचर्य आश्रम के 250 परिवारों में डर, कांग्रेस नेताओं ने दिया समर्थन

सुनील मिश्रा

हरिद्वार। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रमुख घोषणाओं में शामिल मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के निर्माण की घोषणा के बाद ऋषिकुल विद्यापीठ ब्रह्मचर्य आश्रम प्रांगण में 100 वर्षों से निवास कर रहे करीब 250 परिवारों और 200 व्यापारियों में बेचैनी बढ़ गई है। सोशल मीडिया और खबरों के माध्यम से सूचना मिलने के बाद क्षेत्रवासियों को अपने घरों को हटाए जाने का डर सताने लगा है।इसको लेकर क्षेत्र निवासियों ने महत्वपूर्ण बैठक कर अपनी चिंता जाहिर की। बैठक में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सोम त्यागी और मनोज सैनी ने निवासियों का समर्थन किया।

“संस्थान का विरोध नहीं, विस्थापन का डर है”

बैठक को संबोधित करते हुए सोम त्यागी और मनोज सैनी ने कहा कि मदन मोहन मालवीय शोध संस्थान के निर्माण का कोई विरोध नहीं है लेकिन अरसे से निवास कर रहे ढाई सौ परिवारों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आनी चाहिए।

सोम त्यागी और मनोज सैनी ने कहा कि लोगों में भ्रम बना हुआ है कि उनके घरों और दुकानों को हटाकर शोध संस्थान का निर्माण किया जाएगा। 100 वर्षों से ढाई सौ परिवार इस क्षेत्र में रह रहे हैं। सरकार को उनके साथ धोखा नहीं करना चाहिए। शोध संस्थान के लिए ऋषिकुल मैदान या अन्य खाली जमीन का चयन किया जाना चाहिए।

“बाप-दादा के समय से रह रहे हैं, उजाड़ा न जाए”

क्षेत्रवासी जवाहर चावला और योगेश श्याम सिंह ने कहा कि वे ऋषिकुल विद्यापीठ में बाप-दादा के समय से रह रहे हैं। शोध संस्थान का निर्माण हो, लेकिन रह रहे लोगों को उजाड़ा न जाए। सरकार के पास खाली जमीन की कोई कमी नहीं है, शोध संस्थान वहीं बनाया जाए।

सिटी मजिस्ट्रेट से मिलेंगे लोग

इस दौरान कमलापति, अभय शर्मा, गगन देशवाल, पूरन सिंह, विभाग त्यागी, मनोज ठाकुर, अमित, टेक बहादुर, कमल सेन, पूसा कोमल, निर्मल देवी, गिरी लक्ष्मी, दीपक कुमार, देवी दत्त कांडपाल, श्रुति समर्थ अग्रवाल आदि ने निर्णय लिया कि सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट से मुलाकात कर शोध संस्थान की घोषणा और विस्थापन को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाएगी।बैठक में बड़ी संख्या में ऋषिकुल विद्यापीठ की महिला निवासियों ने भी हिस्सा लिया।

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