विकास झा
हरिद्वार। ज्योतिष एवं द्वारकापीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती जी के ज्योतिष पीठ के आचार्य पद पर अभिषिक्त हुए 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित होने वाले स्वर्ण ज्योति महामहोत्सव रविवार को कनखल के शंकराचार्य मठ में आयोजित किया जाएगा।
ज्योतिर्मठ की ज्योति माने जाने वाले पूज्यपाद स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती जी को समर्पित इस महामहोत्सव के दौरान पूज्य शंकराचार्य के प्रतिनिधि शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी को गंगोत्री के शीतकालीन पूजा स्थल मुखवा से आई गंगा स्वर्ण कलश ज्योति सौंपी जाएगी ।
स्वर्ण ज्योति महामहोत्सव कार्यक्रम के आयोजक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने प्रेस से बातचीत करते हुए बताया कि यह हमारा परम सौभाग्य है कि हमें वर्तमान में विश्व के सबसे वरिष्ठ जीवित दंडी सन्यासी का सान्निध्य एवं आशीर्वाद निरंतर प्राप्त हो रहा है। स्वामी श्री के अनुसार उत्तराखंड राज्य के ज्योतिर्मठ से शुभारंभ किया गया यह महामहोत्सव देशभर के 50 प्रमुख स्थान में आयोजित
किया जायेगा। विदित हो कि स्वर्ण ज्योति महामहोत्सव कार्यक्रम के दूसरे चरण में दिनांक 10 जनवरी 2021 को कनखल स्थित शंकराचार्य मठ में स्वर्ण ज्योति महामहोत्सव का भव्य आयोजन होगा।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि सनातन परंपरा के सर्ववरिष्ठ आचार्य को समर्पित स्वर्ण ज्योति महामहोत्सव के शुभ अवसर पर सामाजिक—आध्यात्मिक समेत विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त करने वाले 50 लोगों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया जाएग। इन्हें किया जाएगा सम्मानित
स्वर्ण ज्योति महामहोत्सव के अवसर शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज सेवा, राजनीति, साहित्य एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।

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