श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने जानकारी दी कि कपाट बंद होने की प्रक्रिया के अंतर्गत पंच पूजाओं के पहले दिन 21 नवंबर को भगवान गणेश की पूजा होगी।शाम को इसी दिन भगवान गणेश के कपाट बंद होंगे दूसरे दिन 22 नवंबर को आदि केदारेश्वर मंदिर तथा शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद होंगे। तीसरे दिन 23 नवंबर को खडग-पुस्तक पूजन तथा वेद ऋचाओं का वाचन बंद हो जायेगा।चौथे दिन 24 नवंबर मां लक्ष्मी जी को कढ़ाई भोग चढ़ाया जायेगा 25 नवंबर को अपराह्न 2 बजकर 56 मिनट पर श्री बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो जायेंगे।
26 नवंबर प्रातः को श्री कुबेर जी एवं उद्धव जी सहित रावल जी सहित आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी शीतकालीन प्रवास पांडुकेश्वर तथा श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ को प्रस्थान करेंगे।
श्री उद्धव जी एवं कुबेर जी शीतकाल में गद्दीस्थल पांडुकेश्वर में प्रवास करेंगे जबकि आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी 27 नवंबर को श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ पहुंचेगी।
जारी प्रेस विज्ञप्ति में बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि कपाट बंद होने के अवसर पर मंदिर को फूलों से सजाया जायेगा कपाट बंद के समय बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, उपाध्यक्ष विजय कप्रवान, रावल अमरनाथ नंबूदरी, मुख्य कार्याधिकारी/कार्यपालक मजिस्ट्रेट विजय प्रसाद थपलियाल धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, प्रभारी धर्माधिकारी स्वयंवर सेमवाल हक हकूकधारी एवं तीर्थ पुरोहित एवं श्रद्धालुजन मौजूद रहेंगे।

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