ब्यूरो
लोक सेवक जनता की सेवा के लिए बैठाए गए हैं। मगर, अफसोस! सरकार ने इन्हें इतना बेलगाम कर दिया है कि लोक सेवा का अर्थ भूल गए हैं क्योंकि सरकार को केवल अपने कट से मतलब है। बाकी, लोक सेवा, जन सेवा जाए चूल्हे में।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो बड़ी तेजी से वायरल हो जिसमें उत्तर प्रदेश के लखीमपुर के निघासन ने एक फरियादी ने एसडीएम साहब से पूछा, साहब! क्या-क्या कागज लगेगा? शायद भूल से उसने कोई कागज नहीं लगाया था।
फरियादी की इतनी-सी बात एसडीएम साहब को इतनी नागवार गुजरी कि बिगड़ कर बोले, “अभी एफआईआर करा दूंगा तो बुद्धि तुम्हारी सही हो जाएगी। कौन-कौन सा कागज़ लगेगा, ये हम बताएंगे? बहुत ज्यादा उछल रहे ना तो 10-15 दिन के लिए जेल भिजवा देंगे।”
वैसे, उछल तो SDM साहब रहे हैं क्योंकि अगर ये कागज के बारे में नहीं बताएंगे तो क्या जजमेंट सुनाएंगे? या कानून बनाएंगे तहसील में बैठकर?

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