मनोज सैनी
चमोली। उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी हत्याकांड में मुख्य आरोपी पुलकित आर्य ने चमोली जिले में पुरसाड़ी के जेलर से मारपीट कर दी। जिस पर जेलर ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। घटना 20 जुलाई की बताई जा रही है लेकिन घटना को दबाकर रखा गया था। घटना के बाद आरोपी पुलकित को अल्मोड़ा जेल में शिफ्ट कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार अंकिता हत्याकांड के मुख्य आरोपी पुलकित ने पुरसाड़ी कारागार में तलाशी के दौरान 20 जुलाई को जेलर त्रिलोक चंद्र आर्य से हाथापाई कर दी थी। जिसके बाद जेलर ने पुलकित के खिलाफ चमोली कोतवाली में मामला दर्ज कराया था। जेलर त्रिलोक आर्य ने फोन पर हुई वार्ता के क्रम में बताया की इससे पहले भी वह जेल के कई अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बदतमीजी कर चुका है, वह बहुत बिगड़ैल किस्म का कैदी है। जेलर त्रिलोक चंद्र आर्य ने बताया कि कारागार में बंदियों को कोई भी सामान अपने साथ बैरक में ले जाने की अनुमति नहीं होती है, लेकिन पुलकित सामान को अपने साथ ले जाने लगा। रोके जाने पर उसने हाथापाई की। जिसके बाद इस मामले में चमोली कोतवाली में पुलकित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलकित आर्य के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
बता दें कि अंकिता हत्याकांड के बाद मुख्य आरोपी पुलकित आर्य को पहले पौड़ी की खाडयूंसैंण जेल, फिर चमोली जनपद के पुरसाड़ी कारागार में रखा गया था। यहीं से पुलकित को पेशी पर कोटद्वार ले जाया जाता है, बीते जुलाई माह में भी कोर्ट में पेश करने के बाद पुलकित को पुरसाड़ी कारागार लाया जा रहा था। हैरानी है कि 20 जुलाई को हुयी इतनी बड़ी घटना अब तक मीडिया में नहीं आयी, जिससे पुलकित को मिल रहे राजनीतिक और पुलिस के उच्चाधिकारियों के संरक्षण की ओर एक बार फिर इशारा हो रहा है।

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