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अतिक्रमण हटाओ अभियान: निगम ने हटाए 120 से अधिक अतिक्रमण।

मनोज सैनी

हरिद्वार। जिलाधिकारी जनपद हरिद्वार एवं नगर आयुक्त, नगर निगम हरिद्वार द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में नगर निगम हरिद्वार द्वारा जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के सहयोग से आज दिनांक 05 जून, 2026 को नगर क्षेत्र में व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान संचालित किया गया। अभियान लगातार तीसरे दिन भी प्रभावी रूप से जारी रहा।

अभियान के अंतर्गत गठित टीम-1 द्वारा उप नगर आयुक्त श्री दीपक गोस्वामी एवं मुख्य सफाई निरीक्षक श्री संजय शर्मा के नेतृत्व में वाल्मीकि चौक से देवपुरा चौक तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट श्री हरगिरी भी उपस्थित रहे। टीम द्वारा 70 से अधिक अतिक्रमण हटाए गए।

इसी प्रकार टीम-2 द्वारा सहायक नगर आयुक्त श्री महेंद्र यादव एवं सफाई निरीक्षक श्री धीरेंद्र सेमवाल के नेतृत्व में हर की पैड़ी से वाल्मीकि चौक होते हुए ललतारो पुल तक अभियान संचालित किया गया। अभियान के दौरान उप जिलाधिकारी श्री योगेश मेहरा भी उपस्थित रहे। टीम द्वारा 50 से अधिक अतिक्रमण हटाए गए।

अभियान के दौरान ऐसे अनेक ठेला एवं फड़ संचालक पाए गए जिनके पास कोई वैध लाइसेंस अथवा अनुमति उपलब्ध नहीं थी। ऐसे मामलों में नगर निगम की टीम द्वारा संबंधित ठेले एवं सामग्री को नियमानुसार जब्त किया गया। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि नगर क्षेत्र में नालियों के ऊपर तथा नालियों की सीमा से बाहर किए गए सभी प्रकार के अतिक्रमण पूर्णतः अवैध हैं तथा ऐसे अतिक्रमणों को किसी भी स्थिति में हटाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्षा ऋतु के दृष्टिगत जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने हेतु नालियों को पूर्णतः खुला रखना आवश्यक है। नालियों के ऊपर किए गए निर्माण, प्लेटफॉर्म, सीढ़ियां, दुकान विस्तार, अस्थायी ढांचे अथवा अन्य किसी प्रकार का अतिक्रमण जल निकासी में बाधा उत्पन्न करता है, जिससे जलभराव एवं जनसामान्य को असुविधा होती है।

नगर निगम ने आमजन का ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959 की धारा 295(2)(क) के अनुसार—

“कोई व्यक्ति, बिना मुख्य नगर अधिकारी की लिखित अनुमति के किसी सड़क पर या किसी सड़क की नाली, पानाली या कुएँ पर अथवा किसी सार्वजनिक स्थान पर कोई दुकान, कुर्सी, बेंच, बक्स, सीढ़ी, सामान का गट्ठर या कोई अन्य वस्तु इस प्रकार नहीं रखेगा या जमा करेगा जिससे उस पर अवरोध उत्पन्न हो अथवा उसका अतिक्रमण हो।”

नगर निगम अधिकारियों ने यह भी बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर पारित आदेशों के अनुसार सार्वजनिक मार्गों, नालियों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर किए गए अवैध अतिक्रमणों को हटाने के लिए पृथक रूप से किसी नोटिस की आवश्यकता नहीं होती है तथा स्थानीय निकायों का यह दायित्व है कि वे सार्वजनिक भूमि एवं मार्गों को अतिक्रमणमुक्त बनाए रखें।

नगर निगम हरिद्वार ने पुनः चेतावनी दी है कि सार्वजनिक मार्गों, नालियों, नालों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर किए गए किसी भी प्रकार के अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा तथा भविष्य में पाए जाने वाले अतिक्रमणों को तत्काल हटाते हुए संबंधित सामग्री जब्त किए जाने एवं विधिक कार्रवाई किए जाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

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