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प्रदेश में 29 मई से शुरू होगा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान। 2003 की सूची में नहीं है नाम तो करना होगा यह काम।

आदेश त्यागी

हरिद्वार। उत्तराखंड में चुनाव आयोग का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान शुरू होने जा रहा है।
29 मई से इस अभियान के तहत प्रदेशभर में मतदाता सूची का सत्यापन किया जाएगा। चुनाव आयोग के अनुसार करीब 70 लाख मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है और उनके वोट सुरक्षित हैं, लेकिन लगभग 9 लाख मतदाता ऐसे हैं जिनका वर्ष 2003 का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। हरिद्वार में ऐसी संख्या ज्यादा बताई जा रही है।

SIR अभियान शुरू होते ही बूथ लेवल अधिकारी (BLO) मतदाताओं के घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करेंगे। इस प्रपत्र में वर्तमान वोटर डिटेल पहले से दर्ज होगी। मतदाता को इसमें वर्ष 2003 के वोट से जुड़ी जानकारी भरनी होगी। अगर 2003 में वोट नहीं था, तो माता-पिता के वोट की जानकारी देनी होगी।

जिन मतदाताओं के पास 2003 का वोट रिकॉर्ड नहीं है, वे आयोग द्वारा जारी 12 वैध दस्तावेजों में से कोई भी दस्तावेज जमा कर सकते हैं।

12 दस्तावेज होंगे मान्य

चुनाव आयोग द्वारा SIR प्रक्रिया के लिए जिन दस्तावेजों को वैध माना गया है, उनमें शामिल हैं:आधार कार्ड ,जन्म प्रमाण पत्र ,पासपोर्ट ,स्थायी निवास प्रमाण पत्र ,जाति प्रमाण पत्र (OBC/SC/ST) , वन अधिकार प्रमाण पत्र ,परिवार रजिस्टर ,भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र सरकारी या PSU कर्मचारी पहचान पत्र ,पेंशन भुगतान आदेश शैक्षिक प्रमाण पत्र ,
राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर से संबंधित दस्तावेज

नया फोटो भी करना होगा जमा

मतदाताओं को गणना प्रपत्र पर नया फोटो चिपकाकर BLO को वापस जमा करना होगा। यदि 2003 से जुड़ी जानकारी उपलब्ध नहीं है, तो यह बात प्रपत्र में लिखनी होगी। इसके बाद संबंधित मतदाता को नोटिस जारी किया जाएगा और फिर वह ERO कार्यालय में अपने दस्तावेज जमा कर सकेगा।

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