मनोज सैनी
हरिद्वार। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संयुक्त संघर्ष समिति ने खटीमा व मसूरी गोलीकांड के अमर शहीद उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों को गोविंद घाट, गोविंदपुरी हरिद्वार पर दीपदान कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उन सभी की आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन धारण किया। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि आज 31 वर्षों के बाद भी खटीमा, मसूरी व रामपुर तिराहे गोलीकांड के किसी भी दोषी को राज्य की कोई भी सरकार सजा नहीं दिला सकी।
इस अवसर पर जसवंत सिंह बिष्ट ने कहा कि 31 साल बाद भी खटीमा और मसूरी गोली कांड के अमर शहीद उत्तराखंड राज्य स्वतंत्रता सेनानियों को इंसाफ नहीं मिला है और ना ही उत्तराखंड के शहिद राज्य आंदोलनकारियों के अनुरूप उत्तराखंड राज्य का सपना साकार हो पाया है। आज भी हम भू कानून, मूल निवास 1950 और राजधानी गैरसैंण और जैसे मुद्दों पर सड़कों परआंदोलन करने के लिए मजबूर हैं।
श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में जगत सिंह रावत, त्रिलोक चंद भट्ट, भगवती प्रसाद, के पी काला, रणजीत सिंह रावत, शिवराम पुरी, बी डी सेमवाल, आनंद मणि नौटियाल, के एस गुसांई, धर्मानंद जुयाल, जे एस नेगी, जसवंत सिंह बिष्ट, भोपाल सिंह बिष्ट, जीत सिंह रावत, ईश्वरी नैनवाल, महीपत सिंह नेगी, कामरेड एस एस वर्मा, विजय जोशी, ललित मोहन जोशी, तरुण व्यास, विमला गुसांई, शूरवीर सिंह राणा, के एन जोशी, श्रीचंद्र, सुरेंद्र मुलासी, ख्यात सिंह रावत, गोपाल दत्त जोशी, सुरेंद्र बौंठियाल, यू एस रावत, धर्मा देवी पायल, एस एस रावत, जगदीश सिंह रावत, मणिकांत शर्मा आदि मौजूद रहे।

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